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आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सक पंजीकरण और नवीनीकरण

संक्षेपिका
01.    स्थापना एवं गठनः-
मध्यप्रदेश शासन द्वारा सेन्ट्रल प्रेविन्सेज एण्ड बरार आयुर्वेदिक एण्ड यूनानी प्रेक्टिशनर्स एक्ट 1947 (क्रमांक 4 सन् 1948) मध्य भारत देशी औषधी विधान संवत् 2007 (क्रमांक 28 सन् 1952) मेडिकल पे्रक्टिशनर्स रजिस्टेर्शन  एक्ट 1935 (भोपाल एक्ट क्रमांक 7 सन् 1935) तथा महाकौशन बोर्ड आफ आयुर्वेदिक एण्ड यूनानी सिस्टम आफ मेडिसिन्स जबलपुर को विघटित किया जाकर, मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड की अधिनियम 1970 की धारा 3(1) के तहत  प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए दिनाॅक 24.04.1971 को इस बोर्ड की स्थापना की गई थी।

02.    शासन द्वारा प्रथम बोर्ड के सदस्यों को मनोनीत किया गया था। जिसमें वैधराज पं. रामेश्वर शास्त्री को अध्यक्ष एवं डा. रमेश चन्द्र मिश्रा को उपाध्यक्ष बनाया गया था। शासन द्वारा गठित प्रथम बोर्ड में निम्न सदस्य नामनिर्दिष्ट किये गये थेः-

01. धारा 4 की उपधारा (1) के खण्ड (ग) के परन्तुक के अधीन नामनिर्दिष्ट:-
01. डा. सीताराम अजमेरा, इन्दौर,
02. पंडित रामेश्वर शास्त्री, ग्वालियर,
03. पंडित शिव नारायण भोपाल
04. श्री डब्ल्यू. जे. देवरस, बिलासपुर
05. श्री रमेश चन्द्र मिश्रा, जबलपुर
06. श्री शिवकुमार शर्मा, रायपुर,
07. श्री आर्यानंद, सतना

02. धारा 4 की उपधारा (1) के खण्ड (घ)  के परन्तुक के अधीन नामनिर्दिष्ट:-
01. श्री उपेन्द्र नारायण शर्मा जबलपुर
02. श्री सैय्यद कमरूलहसन हकीम भोपाल
03. श्री हरिवल्लभ सिलाकारी सागर
04. श्री ज्ञानदेव त्रिपाठी बिलासपुर
05. डा. लक्ष्मण स्वरूप भटनागर, प्राचार्य शास. आयुर्वेद महाविद्या. ग्वालियर
06. डा. शिवसागर मिश्रा, प्राचार्य प्राचार्य शास. आयुर्वेद महाविद्या. रायपुर
07. श्री कुष्णचन्द्र पिन्डावाला, प्राचार्य शास. आयुर्वेद महाविद्या. उज्जैन
08. श्री अनुसुईया प्रसाद त्रिपाठी, रीवा
09. श्री अनवर खा हकीम बुरहानपुर
10. डा. एम.ए. पवार, इन्दौर

    
        
03.    बोर्ड भंग एवं प्रशासक की नियुक्तिः-
राज्य शासन द्वारा आदेश क्रमांक /528/91/17/मेडि./4 भोपाल दिनाॅक 20.04.1992 को मध्यप्रदेश यूनानी तथा प्राकृतिक चिकित्सा व्यवसायी अधिनियम 1970 की धारा 36 के तहत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए बोर्ड को भंग कर डा. जी.एल. शर्मा, संचालक, भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं होम्योपैथी भोपाल को प्रशासक नियुक्त किया गया था।

04.    चुनावः-
दिनाॅक 24.09.1992 को बोर्ड अधिनियम की धारा 4 (1) (ग) के अनुसार बोर्ड में निर्वाचन सम्पन्न हुए जिसमें से 12 सदस्य निर्वाचित हुए एवं शासन द्वारा 03 पदेन सदस्य व 10 अन्य सदस्यों को नामांकित किया गया था। इस प्रकार कुल 25 सदस्यों में से 2 निर्वाचित एवं 03 नामांकित कुल 5 सदस्य पृथक छत्तीसगढ़ राज्य में विभाजित हो जाने से 20 सदस्य बोर्ड में शेष थे किन्ही कारणवश निर्वाचन एवं नाम निर्देशन के पश्चात् भी लम्बी अवधि तक बोर्ड का गठन नही हो सका था।

05.    बोर्ड का गठनः-
बोर्ड के अध्यक्ष के निर्वाचन हेतु  दिनाॅक 24.09.2009 को बोर्ड की बैठक आहुत की गई जिसमें डॉ. अरूण कुमार तिवारी, बोर्ड अध्यक्ष निर्वाचित हुए। बोर्ड के उपाध्यक्ष पद के लिये निर्वाचन हेतु दिनाॅक 19.12.2009 को बोर्ड बैठक आहुत की गई। डॉ. राजेश शुक्ला बोर्ड के उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए। 1992 के बोर्ड निर्वाचन के पश्चात बोर्ड में निम्नानुसार बोर्ड सदस्य रहेः-  

01. पदेन
    01. संयुक्त संचालक आयुर्वेद,
    02. उप-संचालक आयुर्वेद,
    03. सहायक संचालक आयुर्वेद,
02. नामनिर्देशित एवं नामांकित

01.  डॉ. अरूण कुमार तिवारी, ग्वालियर
02.  डॉ. सोमेन्द्र मिश्रा, इन्दौर
03.  डॉ. विजय माथुर, भोपाल
04.  डॉ. के.के. खरे, ग्वालियर
05.  हकीम मो. सई सिद्धीकी, बुरहानपुर
06.  डॉ. मदन गोपाल गोस्वामी, जबलपुर
07.  हकीम मो. सुलेमान खान, भोपाल
08.  डॉ. गोविन्द सिंह, विधायक
09.  डॉ. एस.सी. गुप्ता, भोपाल
10.  डॉ. व्ही.एस. त्रिवेदी, उज्जैन
11.  डॉ. अशोक साबले, बैतूल

03. निर्वाचित
01. डॉ. राजेश शुक्ला सागर    
02. डॉ. जगदीश जोशी देवास
03. अशोक चतुर्वेदी रीवा
04. केशवदास मनुरामानी जबलपुर    
05. अनारसिंह सोलंकी खण्डवा
06. रामनारायण शर्मा मुरैना
07. लक्ष्मीकान्त त्रिवेदी, भोपाल

06.    नवीन निर्वाचित बोर्ड अध्यक्ष की पदावधि     
01.     डॉ. अरूण कुमार तिवारी अध्यक्ष पद पर दि. 24.09.2009 से 08.12.2011 तक रहे।
02.     डॉ. अरूण कुमार तिवारी द्वारा नैतिकता के आधार पर त्याग पत्र देने पर दिनाॅक 09.12.2011 को डाॅ. एम.के. गोयल, उपाध्यक्ष को अध्यक्ष का प्रभार सौपा। डाॅ. एम.के. गोयल कार्यवाहक अध्यक्ष की पद पर दिनाॅक 09.12.2011 से दिनाॅक 17.05.2012 तक रहे।
03.    बोर्ड अध्यक्ष निर्वाचन हेतु दिनाॅक 18.05.2012 को बोर्ड बैठक आहूत की गई जिसमें डॉ. राजेश शुक्ला  अध्यक्ष निर्वाचित हुए। डॉ. राजेश शुक्ला दिनाॅक 18.05.2012 से 02.01.2015 तक बोर्ड अध्यक्ष पद पर पदस्थ रहे।

    अधिनियम की धारा 7 (1) के अनुसार बोर्ड सदस्यों की पदावधि प्रथम सम्मिलन से 5 वर्ष की होने से एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सीसीआईएम निर्वाचन के परिपेक्ष्य में दिये गये निर्णय के प्रकाश में शासन द्वारा बोर्ड सदस्यों की पदावधि समाप्त हो जाने के कारण शासन आदेश क्रमांक/एफ 2-44/09/1/59 दिनाॅक 03.1.2015 से बोर्ड भंग किया जाकर डाॅ. सोमेन्द्र मिश्रा संयुक्त संचालक, आयुष मध्यप्रदेश को बोर्ड का प्रशासक नियुक्त किया गया । डॉ. सोमेन्द्र मिश्रा, संयुक्त संचालक, आयुष विभाग एवं प्रशासक म.प्र. आयुर्वेद बोर्ड 31.10.2015 को सेवानिवृत्त हो जाने के पश्‍चात डॉ सतीश शर्मा संयुक्‍त संचालक आयुष विभाग को प्रशासक नियुक्‍त किया गया।  
07.    परीक्षाः-
बोर्ड पूर्व में ए.व्ही.एम.एस. (आयुर्वेद विज्ञानाचार्य) परीक्षा का पाॅच वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम संचालित करता था जिसका अंतिम बैंच वर्ष 1984 में समाप्त हो गया।
    
08.    पंजीयनः-
बोर्ड का मुख्य कार्य मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक, यूनानी तथा प्राकृतिक चिकित्सा व्यवसायी अधिनियम 1970 (क्रमांक 5 सन् 1971) की धारा 2“ज“ के तहत प्रदत्त मान्य अर्हताओं की अनुसूची एवं भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद अधिनियम 1970 में प्रदत्त मान्य अर्हताओं की अनुसूची में उल्लेखित अर्हताधारकों का पंजीयन करना है।
बोर्ड में प्रारंभ से लेकर दिनाॅक 31.10.2015 तक कुल 54927 चिकित्सक पंजीबद्ध हुए जिसमें से 6458 चिकित्सक पृथक छत्तीसगढ़ राज्य में विभाजित हो गये है। पंजीकृत चिकित्सकों का विवरण निम्नवत हैः-
01. संस्थागत आयुर्वेद         -12047    
02. गैर संस्थागत आयुर्वेद    -32730
03. संस्थागत यूनानी         -1677
04. गैर संस्थागत यूनानी     -84
05. संस्थागत प्राकृतिक         -16

09.    सूचीकरणः-
अधिनियम की धारा 28 के प्रावधानानुसार बोर्ड उन व्यक्तियों की सूची तैयार करवायेगा जो कि रजिस्ट्रीकरण के लिये पात्र न हो परन्तु राज्य में पाॅच वर्ष से अन्यून कालावधि तक आयुर्वेदिक या यूनानी चिकित्सा पद्धति या प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में नियमित चिकित्सा व्यवसाय करते रहे हो और व्यवसाय उनके जीविकोपार्जन का एक मात्र साधन रहा हो। तदनुसार बोर्ड में कुल 5971 चिकित्सक अनुभव के आधार पर सूचीबद्ध हुए है जिसमें से 774 चिकित्सक पृथक छत्तीसगढ़ राज्य में विभाजित हो गये है।