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संक्षिप्त इतिहास

वर्ष 1979 के पूर्व यह विभाग प्रथक से संचालनालय के रूप में संचालित नहीं था। संयुक्‍य संचालक देशी चिकित्‍सा पद्धति के नाम से संचालक स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के अधीन संचालित था। तत्‍पश्‍चात वर्ष 1979 में संचालक का पद सृजित करते हुये, संचालनालय देशी चिकित्‍सा पद्धति के नाम से यह कार्यालय स्‍थापित हुआ। ततसयम संचालक के रूप में विभागीय अधिकारी की पद स्‍थापना की जाती थी। वर्ष 1982 में इस कार्यालय का नाम संचालनालय परंपरागत चिकित्‍सा पसि ति एवं होम्‍योपैथी रखा गया। तत्‍पश्‍चात इस संचालनालय का नाम भारतीय चिकित्‍सा पद्धति एवं होम्‍योपैथी उसके बाद बर्ष 2012 से संचालनालय आयुष के नाम से संचालित हैं। इस संचालनालय के अधीन आयुर्वेद यूनानी योगा सिद्ध एवं होम्‍योपैथी की पद्धतियो का समावेश है। इस संचालनालय के अधीन आयुष (आयुर्वेद/होम्‍योपैथी/यूनानी) के 1773 औषधालय एवं 23 चिकित्‍सालय तथा 36 आयुष विंग संचालित है। इसी प्रकार 07 शासकीय आयुर्वेद महाविधालय, 01 शासकीय होम्‍योपैथी एवं 01 शासकीय यूनानी महाविधालय संचालित है। लगभग 500 प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र/सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में आयुष के संविदा चिकित्‍सक पदस्‍थ है। समस्‍त महाविधालयों के अधीन शैयायुक्‍त चिकित्‍सालय संचालित है। एक आयुर्वेदिक फार्मेसी, ग्‍वालियर में संचालित है जो आयुर्वेदिक औषधियों का निर्माण कार्य संपादित करती है। इसी प्रकार एक यूनानी फार्मेसी, भोपाल में है जो यूनानी औषधियों का निर्माण कार्य संपादित करती है।